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बाहरा विश्वविद्यालय में मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य समापन ,न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा रहे चीफ गेस्‍ट

बाहरा विश्वविद्यालय में 5वीं राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य समापन
न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा मुख्य अतिथि के रूप में रहे उपस्थित
यूआईएलएस चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी विजेता, आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ मोहाली उपविजेता



शिमला। बाहरा विश्वविद्यालय में आयोजित 5वीं राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले अत्यंत उत्साह, गरिमा और विधिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया।

देशभर के प्रमुख विधि संस्थानों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर, बिट्स लॉ स्कूल मुंबई, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी (दिल्ली एवं बेंगलुरु), विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी जयपुर, एशियन लॉ कॉलेज नोएडा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, यूआईएलएस शिमला और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल रहे, जिससे प्रतियोगिता का स्तर बेहद उच्च रहा।

प्रतियोगिता के अंतिम चरण का मूल्यांकन एक विशिष्ट न्यायिक पैनल द्वारा किया गया, जिसमें प्रो. एच. आर. झिंगटा, प्रो. ललित डडवाल तथा पूर्व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बसंत वर्मा शामिल रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपने विधिक कौशल, तर्कशक्ति और प्रस्तुतीकरण से निर्णायकों को प्रभावित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में रयात बाहरा ग्रुप के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों को वास्तविक न्यायालयीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विधि शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव के महत्व पर जोर दिया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा ने कहा कि कानून समाज की रीढ़ है, जो न्याय, व्यवस्था और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावसायिक नैतिकता बनाए रखने, संवेदनशीलता विकसित करने और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

प्रतियोगिता के परिणाम भी बेहद रोमांचक रहे। यूआईएलएस, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, मोहाली उपविजेता रहा। सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार भी यूआईएलएस के प्रतिभागी को मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का सम्मान आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ को दिया गया। वहीं, सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के विधि विभाग को प्रदान किया गया। विजेताओं और प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्टता के लिए नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

यह आयोजन बाहरा विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा और भावी विधि पेशेवरों के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार विनीत कुमार, विधि संकाय के डीन डॉ. रघुविंदर सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. मंदीप वर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।